शुक्रवार, 3 जनवरी 2014

इंसानी जज़बे की सच्ची कहानी

ये एक लड़की की सच्ची कहानी है जो हमें कठिन से कठिन परिस्थितियों के बावजूद जीवन को सकारात्मक तरीके से जीने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा देती है .

25 सितम्बर , 2000 की बात है . तब Maricel Apatan ( मैरिकेल ऐप्टैन) महज 11 साल की थी . उस दिन वो अपने अंकल के साथ पानी लाने के लिए बाहर निकली हुई थी. रास्ते में उन्हें चार -पांच लोगों ने घेर लिया , उनके हाथों में धारदार हथियार थे . उन्होंने अंकल से जमीन पर झुक जाने के लिए कहा और उन्हें बेहरहमी से मारने लगे .

ये देख Maricel सदमें में आ गयीं , वो उन लोगों को जानती थी , वे उसके पडोसी थे . उसे लगा कि अब उसकी जान भी नहीं बचेगी और  वो  उनसे बच कर भागने लगी . पर वो छोटी थी और हत्यारे आसानी से उसतक पहुँच गए …वो चिल्लाने लगी …, “कुया , ‘वाग पो , ‘वाग न ’यो एकांग टैगईन ! मावा पो कायो सा एकिन !” ( मुझे मत मारो …मुझ पर दया करो …)

पर उन दरिंदो ने उसकी एक ना सुनी , और उनमे से एक ने गले पर चाक़ू से वार कीया। Maricel जमीन पर गिरकर बेहोश हो गयी .जब थोड़ी देर बाद उसे होश आया तो उसने देखा कि वहाँ खून ही खून था और वे लोग अभी भी वहीँ खड़े थे , इसलिए उसने बिना किसी हरकत के मरे होने का नाटक किया .

जब वे लोग चले गए तब वो उठी और घर की और दौड़ने लगी…. भागते -भागते ही उसने देखा कि उसकी दोनों हथेलियां हाथ से जुडी लटक रही हैं . यह देख Maricel और भी घबरा गयी , और रोते -रोते भागती रही …. जब वो अपने घर के करीब पहुँच गयी तब अपनी माँ को आवाज़ दी …

माँ बाहर आयीं और अपनी बेटी की ये हालत देख भयभीत हो गयीं , उन्होंने बेटी को तुरंत एक कम्बल में लपेटा और हॉस्पिटल ले गयीं . हॉस्पिटल दूर था , पहुँचते -पहुँचते काफी वक़्त बीत गया . डॉक्टर्स को कोई उम्मीद नहीं थी कि वे Maricel को बचा पाएंगे पर 5 घंटे के ऑपरेशन के बाद भी  वो ज़िंदा थी . पर डॉक्टर्स उसका हाथ नहीं बचा पाये थे .

परेशानियां यहीं नहीं ख़त्म हुईं , जब वे वापस गए तो उनका घर लूट कर जलाया जा चुका था . गरीब होने के कारण उनके पास हॉस्पिटल का बिल भरने के पैसे भी नहीं थे …पर दूर के एक रिश्तेदार आर्चबिशप अंटोनिओ लेडेसमा की मदद से वे बिल भर पाये और अपराधियों को सजा भी दिलवा पाये .

इतना कुछ हो जाने के बाद भी Maricel ने कभी भगवन को नहीं कोसा कि उसके साथ ही ऐसा क्यों हुआ , बल्कि उसका कहना है कि , “ ईश्वर में विश्वाश रखते हुए , मैं और भी दृढ निश्चियी हो गयी कि मुझे एक सामान्य जीवन जीना है . मुझे लगता है कि मैं दुनिया में किसी ज़रूरी मिशन के लिए हूँ इसीलिए मैं इस हमले से बच पायी हूँ .”

Maricel ने हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की और 2008 में होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी पूरा किया  और बचपन से खाना बनाने के शौक के कारण 2011 में शेफ बनने की शिक्षा पूरी की.

इतनी बड़ी डिसेबिलिटी के बावजूद जीवन में आगे जाने के जज़बे को आस -पास के लोग नज़रअंदाज नहीं कर सकते थे , और जल्द ही Maricel को मीडिया हाईलाइट करने लगा . ऐसे ही एक कार्यक्रम को देख कर होटल एडसा शांग्री -ला , Manila, Philippines ने उसे अपने यहाँ किसी प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका दिया .

Maricel के साथ काम करने वाले शेफ अल्ज़ामिल बोर्जा बताते हैं ,“वो मदद के लिए सिर्फ तभी पुकारती हैं जब उन्हें कोई गरम पात्र हटाना होता है या किसी शीशी का चिकना ढक्कन खोलना होता है .”

Maricel आज भी उसी होटल में बतौर शेफ काम करती हैं और अपने जज़बे के दम पर लाखो -करोड़ों लोगो को प्रेरित करती रहती हैं .Maricel Apatan Hindi 3

Friends, अक्सर हम अपनी life में आने वाली छोटी -मोटी परेशानियों से घबरा जाते हैं और अपना विश्वास कमजोर कर बैठते हैं , पर आज की ये कहानी बताती है कि situation कितनी ही खराब क्यों न हो हम उसे बदल सकते हैं। Maricel की कही एक बात हमें याद रखनी चाहिए- , ” यदि आप सपने देखें, कड़ी मेहनत करें और ईश्वर में आस्था रखें तो कुछ भी सम्भव है।”
ये एक लड़की की सच्ची कहानी है जो हमें कठिन से कठिन परिस्थितियों के बावजूद जीवन को सकारात्मक तरीके से जीने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा देती है .
 
25 सितम्बर , 2000 की बात है . तब Maricel Apatan ( मैरिकेल ऐप्टैन) महज 11 साल की थी . उस दिन वो अपने अंकल के साथ पानी लाने के लिए बाहर निकली हुई थी. रास्ते में उन्हें चार -पांच लोगों ने घेर लिया , उनके हाथों में धारदार हथियार थे . उन्होंने अंकल से जमीन पर झुक जाने के लिए कहा और उन्हें बेहरहमी से मारने लगे .
 
ये देख Maricel सदमें में आ गयीं , वो उन लोगों को जानती थी , वे उसके पडोसी थे . उसे लगा कि अब उसकी जान भी नहीं बचेगी और  वो  उनसे बच कर भागने लगी . पर वो छोटी थी और हत्यारे आसानी से उसतक पहुँच गए …वो चिल्लाने लगी …, “कुया , ‘वाग पो , ‘वाग न ’यो एकांग टैगईन ! मावा पो कायो सा एकिन !” ( मुझे मत मारो …मुझ पर दया करो …)
 
पर उन दरिंदो ने उसकी एक ना सुनी , और उनमे से एक ने गले पर चाक़ू से वार कीया। Maricel जमीन पर गिरकर बेहोश हो गयी .जब थोड़ी देर बाद उसे होश आया तो उसने देखा कि वहाँ खून ही खून था और वे लोग अभी भी वहीँ खड़े थे , इसलिए उसने बिना किसी हरकत के मरे होने का नाटक किया .
 
जब वे लोग चले गए तब वो उठी और घर की और दौड़ने लगी…. भागते -भागते ही उसने देखा कि उसकी दोनों हथेलियां हाथ से जुडी लटक रही हैं . यह देख Maricel और भी घबरा गयी , और रोते -रोते भागती रही …. जब वो अपने घर के करीब पहुँच गयी तब अपनी माँ को आवाज़ दी …
 
माँ बाहर आयीं और अपनी बेटी की ये हालत देख भयभीत हो गयीं , उन्होंने बेटी को तुरंत एक कम्बल में लपेटा और हॉस्पिटल ले गयीं . हॉस्पिटल दूर था , पहुँचते -पहुँचते काफी वक़्त बीत गया . डॉक्टर्स को कोई उम्मीद नहीं थी कि वे Maricel को बचा पाएंगे पर 5 घंटे के ऑपरेशन के बाद भी  वो ज़िंदा थी . पर डॉक्टर्स उसका हाथ नहीं बचा पाये थे .
 
परेशानियां यहीं नहीं ख़त्म हुईं , जब वे वापस गए तो उनका घर लूट कर जलाया जा चुका था . गरीब होने के कारण उनके पास हॉस्पिटल का बिल भरने के पैसे भी नहीं थे …पर दूर के एक रिश्तेदार आर्चबिशप अंटोनिओ लेडेसमा की मदद से वे बिल भर पाये और अपराधियों को सजा भी दिलवा पाये .
 
इतना कुछ हो जाने के बाद भी Maricel ने कभी भगवन को नहीं कोसा कि उसके साथ ही ऐसा क्यों हुआ , बल्कि उसका कहना है कि , “ ईश्वर में विश्वाश रखते हुए , मैं और भी दृढ निश्चियी हो गयी कि मुझे एक सामान्य जीवन जीना है . मुझे लगता है कि मैं दुनिया में किसी ज़रूरी मिशन के लिए हूँ इसीलिए मैं इस हमले से बच पायी हूँ .”
 
Maricel ने हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की और 2008 में होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी पूरा किया  और बचपन से खाना बनाने के शौक के कारण 2011 में शेफ बनने की शिक्षा पूरी की.
 
इतनी बड़ी डिसेबिलिटी के बावजूद जीवन में आगे जाने के जज़बे को आस -पास के लोग नज़रअंदाज नहीं कर सकते थे , और जल्द ही Maricel को मीडिया हाईलाइट करने लगा . ऐसे ही एक कार्यक्रम को देख कर होटल एडसा शांग्री -ला , Manila, Philippines ने उसे अपने यहाँ किसी प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका दिया .
 
Maricel के साथ काम करने वाले शेफ अल्ज़ामिल बोर्जा बताते हैं ,“वो मदद के लिए सिर्फ तभी पुकारती हैं जब उन्हें कोई गरम पात्र हटाना होता है या किसी शीशी का चिकना ढक्कन खोलना होता है .”
 
Maricel आज भी उसी होटल में बतौर शेफ काम करती हैं और अपने जज़बे के दम पर लाखो -करोड़ों लोगो को प्रेरित करती रहती हैं .Maricel Apatan Hindi 3
 
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ये एक लड़की की सच्ची कहानी है जो हमें कठिन से कठिन परिस्थितियों के बावजूद जीवन को सकारात्मक तरीके से जीने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा देती है .
 
25 सितम्बर , 2000 की बात है . तब Maricel Apatan ( मैरिकेल ऐप्टैन) महज 11 साल की थी . उस दिन वो अपने अंकल के साथ पानी लाने के लिए बाहर निकली हुई थी. रास्ते में उन्हें चार -पांच लोगों ने घेर लिया , उनके हाथों में धारदार हथियार थे . उन्होंने अंकल से जमीन पर झुक जाने के लिए कहा और उन्हें बेहरहमी से मारने लगे .
 
ये देख Maricel सदमें में आ गयीं , वो उन लोगों को जानती थी , वे उसके पडोसी थे . उसे लगा कि अब उसकी जान भी नहीं बचेगी और  वो  उनसे बच कर भागने लगी . पर वो छोटी थी और हत्यारे आसानी से उसतक पहुँच गए …वो चिल्लाने लगी …, “कुया , ‘वाग पो , ‘वाग न ’यो एकांग टैगईन ! मावा पो कायो सा एकिन !” ( मुझे मत मारो …मुझ पर दया करो …)
 
पर उन दरिंदो ने उसकी एक ना सुनी , और उनमे से एक ने गले पर चाक़ू से वार कीया। Maricel जमीन पर गिरकर बेहोश हो गयी .जब थोड़ी देर बाद उसे होश आया तो उसने देखा कि वहाँ खून ही खून था और वे लोग अभी भी वहीँ खड़े थे , इसलिए उसने बिना किसी हरकत के मरे होने का नाटक किया .
 
जब वे लोग चले गए तब वो उठी और घर की और दौड़ने लगी…. भागते -भागते ही उसने देखा कि उसकी दोनों हथेलियां हाथ से जुडी लटक रही हैं . यह देख Maricel और भी घबरा गयी , और रोते -रोते भागती रही …. जब वो अपने घर के करीब पहुँच गयी तब अपनी माँ को आवाज़ दी …
 
माँ बाहर आयीं और अपनी बेटी की ये हालत देख भयभीत हो गयीं , उन्होंने बेटी को तुरंत एक कम्बल में लपेटा और हॉस्पिटल ले गयीं . हॉस्पिटल दूर था , पहुँचते -पहुँचते काफी वक़्त बीत गया . डॉक्टर्स को कोई उम्मीद नहीं थी कि वे Maricel को बचा पाएंगे पर 5 घंटे के ऑपरेशन के बाद भी  वो ज़िंदा थी . पर डॉक्टर्स उसका हाथ नहीं बचा पाये थे .
 
परेशानियां यहीं नहीं ख़त्म हुईं , जब वे वापस गए तो उनका घर लूट कर जलाया जा चुका था . गरीब होने के कारण उनके पास हॉस्पिटल का बिल भरने के पैसे भी नहीं थे …पर दूर के एक रिश्तेदार आर्चबिशप अंटोनिओ लेडेसमा की मदद से वे बिल भर पाये और अपराधियों को सजा भी दिलवा पाये .
 
इतना कुछ हो जाने के बाद भी Maricel ने कभी भगवन को नहीं कोसा कि उसके साथ ही ऐसा क्यों हुआ , बल्कि उसका कहना है कि , “ ईश्वर में विश्वाश रखते हुए , मैं और भी दृढ निश्चियी हो गयी कि मुझे एक सामान्य जीवन जीना है . मुझे लगता है कि मैं दुनिया में किसी ज़रूरी मिशन के लिए हूँ इसीलिए मैं इस हमले से बच पायी हूँ .”
 
Maricel ने हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की और 2008 में होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी पूरा किया  और बचपन से खाना बनाने के शौक के कारण 2011 में शेफ बनने की शिक्षा पूरी की.
 
इतनी बड़ी डिसेबिलिटी के बावजूद जीवन में आगे जाने के जज़बे को आस -पास के लोग नज़रअंदाज नहीं कर सकते थे , और जल्द ही Maricel को मीडिया हाईलाइट करने लगा . ऐसे ही एक कार्यक्रम को देख कर होटल एडसा शांग्री -ला , Manila, Philippines ने उसे अपने यहाँ किसी प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका दिया .
 
Maricel के साथ काम करने वाले शेफ अल्ज़ामिल बोर्जा बताते हैं ,“वो मदद के लिए सिर्फ तभी पुकारती हैं जब उन्हें कोई गरम पात्र हटाना होता है या किसी शीशी का चिकना ढक्कन खोलना होता है .”
 
Maricel आज भी उसी होटल में बतौर शेफ काम करती हैं और अपने जज़बे के दम पर लाखो -करोड़ों लोगो को प्रेरित करती रहती हैं .Maricel Apatan Hindi 3
 
Friends, अक्सर हम अपनी life में आने वाली छोटी -मोटी परेशानियों से घबरा जाते हैं और अपना विश्वास कमजोर कर बैठते हैं , पर आज की ये कहानी बताती है कि situation कितनी ही खराब क्यों न हो हम उसे बदल सकते हैं। Maricel की कही एक बात हमें याद रखनी चाहिए- , ” यदि आप सपने देखें, कड़ी मेहनत करें और ईश्वर में आस्था रखें तो कुछ भी सम्भव है।”
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ये एक लड़की की सच्ची कहानी है जो हमें कठिन से कठिन परिस्थितियों के बावजूद जीवन को सकारात्मक तरीके से जीने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा देती है .
 
25 सितम्बर , 2000 की बात है . तब Maricel Apatan ( मैरिकेल ऐप्टैन) महज 11 साल की थी . उस दिन वो अपने अंकल के साथ पानी लाने के लिए बाहर निकली हुई थी. रास्ते में उन्हें चार -पांच लोगों ने घेर लिया , उनके हाथों में धारदार हथियार थे . उन्होंने अंकल से जमीन पर झुक जाने के लिए कहा और उन्हें बेहरहमी से मारने लगे .
 
ये देख Maricel सदमें में आ गयीं , वो उन लोगों को जानती थी , वे उसके पडोसी थे . उसे लगा कि अब उसकी जान भी नहीं बचेगी और  वो  उनसे बच कर भागने लगी . पर वो छोटी थी और हत्यारे आसानी से उसतक पहुँच गए …वो चिल्लाने लगी …, “कुया , ‘वाग पो , ‘वाग न ’यो एकांग टैगईन ! मावा पो कायो सा एकिन !” ( मुझे मत मारो …मुझ पर दया करो …)
 
पर उन दरिंदो ने उसकी एक ना सुनी , और उनमे से एक ने गले पर चाक़ू से वार कीया। Maricel जमीन पर गिरकर बेहोश हो गयी .जब थोड़ी देर बाद उसे होश आया तो उसने देखा कि वहाँ खून ही खून था और वे लोग अभी भी वहीँ खड़े थे , इसलिए उसने बिना किसी हरकत के मरे होने का नाटक किया .
 
जब वे लोग चले गए तब वो उठी और घर की और दौड़ने लगी…. भागते -भागते ही उसने देखा कि उसकी दोनों हथेलियां हाथ से जुडी लटक रही हैं . यह देख Maricel और भी घबरा गयी , और रोते -रोते भागती रही …. जब वो अपने घर के करीब पहुँच गयी तब अपनी माँ को आवाज़ दी …
 
माँ बाहर आयीं और अपनी बेटी की ये हालत देख भयभीत हो गयीं , उन्होंने बेटी को तुरंत एक कम्बल में लपेटा और हॉस्पिटल ले गयीं . हॉस्पिटल दूर था , पहुँचते -पहुँचते काफी वक़्त बीत गया . डॉक्टर्स को कोई उम्मीद नहीं थी कि वे Maricel को बचा पाएंगे पर 5 घंटे के ऑपरेशन के बाद भी  वो ज़िंदा थी . पर डॉक्टर्स उसका हाथ नहीं बचा पाये थे .
 
परेशानियां यहीं नहीं ख़त्म हुईं , जब वे वापस गए तो उनका घर लूट कर जलाया जा चुका था . गरीब होने के कारण उनके पास हॉस्पिटल का बिल भरने के पैसे भी नहीं थे …पर दूर के एक रिश्तेदार आर्चबिशप अंटोनिओ लेडेसमा की मदद से वे बिल भर पाये और अपराधियों को सजा भी दिलवा पाये .
 
इतना कुछ हो जाने के बाद भी Maricel ने कभी भगवन को नहीं कोसा कि उसके साथ ही ऐसा क्यों हुआ , बल्कि उसका कहना है कि , “ ईश्वर में विश्वाश रखते हुए , मैं और भी दृढ निश्चियी हो गयी कि मुझे एक सामान्य जीवन जीना है . मुझे लगता है कि मैं दुनिया में किसी ज़रूरी मिशन के लिए हूँ इसीलिए मैं इस हमले से बच पायी हूँ .”
 
Maricel ने हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की और 2008 में होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी पूरा किया  और बचपन से खाना बनाने के शौक के कारण 2011 में शेफ बनने की शिक्षा पूरी की.
 
इतनी बड़ी डिसेबिलिटी के बावजूद जीवन में आगे जाने के जज़बे को आस -पास के लोग नज़रअंदाज नहीं कर सकते थे , और जल्द ही Maricel को मीडिया हाईलाइट करने लगा . ऐसे ही एक कार्यक्रम को देख कर होटल एडसा शांग्री -ला , Manila, Philippines ने उसे अपने यहाँ किसी प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका दिया .
 
Maricel के साथ काम करने वाले शेफ अल्ज़ामिल बोर्जा बताते हैं ,“वो मदद के लिए सिर्फ तभी पुकारती हैं जब उन्हें कोई गरम पात्र हटाना होता है या किसी शीशी का चिकना ढक्कन खोलना होता है .”
 
Maricel आज भी उसी होटल में बतौर शेफ काम करती हैं और अपने जज़बे के दम पर लाखो -करोड़ों लोगो को प्रेरित करती रहती हैं .Maricel Apatan Hindi 3
 
Friends, अक्सर हम अपनी life में आने वाली छोटी -मोटी परेशानियों से घबरा जाते हैं और अपना विश्वास कमजोर कर बैठते हैं , पर आज की ये कहानी बताती है कि situation कितनी ही खराब क्यों न हो हम उसे बदल सकते हैं। Maricel की कही एक बात हमें याद रखनी चाहिए- , ” यदि आप सपने देखें, कड़ी मेहनत करें और ईश्वर में आस्था रखें तो कुछ भी सम्भव है।”
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ये एक लड़की की सच्ची कहानी है जो हमें कठिन से कठिन परिस्थितियों के बावजूद जीवन को सकारात्मक तरीके से जीने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा देती है .
 
25 सितम्बर , 2000 की बात है . तब Maricel Apatan ( मैरिकेल ऐप्टैन) महज 11 साल की थी . उस दिन वो अपने अंकल के साथ पानी लाने के लिए बाहर निकली हुई थी. रास्ते में उन्हें चार -पांच लोगों ने घेर लिया , उनके हाथों में धारदार हथियार थे . उन्होंने अंकल से जमीन पर झुक जाने के लिए कहा और उन्हें बेहरहमी से मारने लगे .
 
ये देख Maricel सदमें में आ गयीं , वो उन लोगों को जानती थी , वे उसके पडोसी थे . उसे लगा कि अब उसकी जान भी नहीं बचेगी और  वो  उनसे बच कर भागने लगी . पर वो छोटी थी और हत्यारे आसानी से उसतक पहुँच गए …वो चिल्लाने लगी …, “कुया , ‘वाग पो , ‘वाग न ’यो एकांग टैगईन ! मावा पो कायो सा एकिन !” ( मुझे मत मारो …मुझ पर दया करो …)
 
पर उन दरिंदो ने उसकी एक ना सुनी , और उनमे से एक ने गले पर चाक़ू से वार कीया। Maricel जमीन पर गिरकर बेहोश हो गयी .जब थोड़ी देर बाद उसे होश आया तो उसने देखा कि वहाँ खून ही खून था और वे लोग अभी भी वहीँ खड़े थे , इसलिए उसने बिना किसी हरकत के मरे होने का नाटक किया .
 
जब वे लोग चले गए तब वो उठी और घर की और दौड़ने लगी…. भागते -भागते ही उसने देखा कि उसकी दोनों हथेलियां हाथ से जुडी लटक रही हैं . यह देख Maricel और भी घबरा गयी , और रोते -रोते भागती रही …. जब वो अपने घर के करीब पहुँच गयी तब अपनी माँ को आवाज़ दी …
 
माँ बाहर आयीं और अपनी बेटी की ये हालत देख भयभीत हो गयीं , उन्होंने बेटी को तुरंत एक कम्बल में लपेटा और हॉस्पिटल ले गयीं . हॉस्पिटल दूर था , पहुँचते -पहुँचते काफी वक़्त बीत गया . डॉक्टर्स को कोई उम्मीद नहीं थी कि वे Maricel को बचा पाएंगे पर 5 घंटे के ऑपरेशन के बाद भी  वो ज़िंदा थी . पर डॉक्टर्स उसका हाथ नहीं बचा पाये थे .
 
परेशानियां यहीं नहीं ख़त्म हुईं , जब वे वापस गए तो उनका घर लूट कर जलाया जा चुका था . गरीब होने के कारण उनके पास हॉस्पिटल का बिल भरने के पैसे भी नहीं थे …पर दूर के एक रिश्तेदार आर्चबिशप अंटोनिओ लेडेसमा की मदद से वे बिल भर पाये और अपराधियों को सजा भी दिलवा पाये .
 
इतना कुछ हो जाने के बाद भी Maricel ने कभी भगवन को नहीं कोसा कि उसके साथ ही ऐसा क्यों हुआ , बल्कि उसका कहना है कि , “ ईश्वर में विश्वाश रखते हुए , मैं और भी दृढ निश्चियी हो गयी कि मुझे एक सामान्य जीवन जीना है . मुझे लगता है कि मैं दुनिया में किसी ज़रूरी मिशन के लिए हूँ इसीलिए मैं इस हमले से बच पायी हूँ .”
 
Maricel ने हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की और 2008 में होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी पूरा किया  और बचपन से खाना बनाने के शौक के कारण 2011 में शेफ बनने की शिक्षा पूरी की.
 
इतनी बड़ी डिसेबिलिटी के बावजूद जीवन में आगे जाने के जज़बे को आस -पास के लोग नज़रअंदाज नहीं कर सकते थे , और जल्द ही Maricel को मीडिया हाईलाइट करने लगा . ऐसे ही एक कार्यक्रम को देख कर होटल एडसा शांग्री -ला , Manila, Philippines ने उसे अपने यहाँ किसी प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका दिया .
 
Maricel के साथ काम करने वाले शेफ अल्ज़ामिल बोर्जा बताते हैं ,“वो मदद के लिए सिर्फ तभी पुकारती हैं जब उन्हें कोई गरम पात्र हटाना होता है या किसी शीशी का चिकना ढक्कन खोलना होता है .”
 
Maricel आज भी उसी होटल में बतौर शेफ काम करती हैं और अपने जज़बे के दम पर लाखो -करोड़ों लोगो को प्रेरित करती रहती हैं .Maricel Apatan Hindi 3
 
Friends, अक्सर हम अपनी life में आने वाली छोटी -मोटी परेशानियों से घबरा जाते हैं और अपना विश्वास कमजोर कर बैठते हैं , पर आज की ये कहानी बताती है कि situation कितनी ही खराब क्यों न हो हम उसे बदल सकते हैं। Maricel की कही एक बात हमें याद रखनी चाहिए- , ” यदि आप सपने देखें, कड़ी मेहनत करें और ईश्वर में आस्था रखें तो कुछ भी सम्भव है।”
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25 सितम्बर , 2000 की बात है . तब Maricel Apatan ( मैरिकेल ऐप्टैन) महज 11 साल की थी . उस दिन वो अपने अंकल के साथ पानी लाने के लिए बाहर निकली हुई थी. रास्ते में उन्हें चार -पांच लोगों ने घेर लिया , उनके हाथों में धारदार हथियार थे . उन्होंने अंकल से जमीन पर झुक जाने के लिए कहा और उन्हें बेहरहमी से मारने लगे .
 
ये देख Maricel सदमें में आ गयीं , वो उन लोगों को जानती थी , वे उसके पडोसी थे . उसे लगा कि अब उसकी जान भी नहीं बचेगी और  वो  उनसे बच कर भागने लगी . पर वो छोटी थी और हत्यारे आसानी से उसतक पहुँच गए …वो चिल्लाने लगी …, “कुया , ‘वाग पो , ‘वाग न ’यो एकांग टैगईन ! मावा पो कायो सा एकिन !” ( मुझे मत मारो …मुझ पर दया करो …)
 
पर उन दरिंदो ने उसकी एक ना सुनी , और उनमे से एक ने गले पर चाक़ू से वार कीया। Maricel जमीन पर गिरकर बेहोश हो गयी .जब थोड़ी देर बाद उसे होश आया तो उसने देखा कि वहाँ खून ही खून था और वे लोग अभी भी वहीँ खड़े थे , इसलिए उसने बिना किसी हरकत के मरे होने का नाटक किया .
 
जब वे लोग चले गए तब वो उठी और घर की और दौड़ने लगी…. भागते -भागते ही उसने देखा कि उसकी दोनों हथेलियां हाथ से जुडी लटक रही हैं . यह देख Maricel और भी घबरा गयी , और रोते -रोते भागती रही …. जब वो अपने घर के करीब पहुँच गयी तब अपनी माँ को आवाज़ दी …
 
माँ बाहर आयीं और अपनी बेटी की ये हालत देख भयभीत हो गयीं , उन्होंने बेटी को तुरंत एक कम्बल में लपेटा और हॉस्पिटल ले गयीं . हॉस्पिटल दूर था , पहुँचते -पहुँचते काफी वक़्त बीत गया . डॉक्टर्स को कोई उम्मीद नहीं थी कि वे Maricel को बचा पाएंगे पर 5 घंटे के ऑपरेशन के बाद भी  वो ज़िंदा थी . पर डॉक्टर्स उसका हाथ नहीं बचा पाये थे .
 
परेशानियां यहीं नहीं ख़त्म हुईं , जब वे वापस गए तो उनका घर लूट कर जलाया जा चुका था . गरीब होने के कारण उनके पास हॉस्पिटल का बिल भरने के पैसे भी नहीं थे …पर दूर के एक रिश्तेदार आर्चबिशप अंटोनिओ लेडेसमा की मदद से वे बिल भर पाये और अपराधियों को सजा भी दिलवा पाये .
 
इतना कुछ हो जाने के बाद भी Maricel ने कभी भगवन को नहीं कोसा कि उसके साथ ही ऐसा क्यों हुआ , बल्कि उसका कहना है कि , “ ईश्वर में विश्वाश रखते हुए , मैं और भी दृढ निश्चियी हो गयी कि मुझे एक सामान्य जीवन जीना है . मुझे लगता है कि मैं दुनिया में किसी ज़रूरी मिशन के लिए हूँ इसीलिए मैं इस हमले से बच पायी हूँ .”
 
Maricel ने हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की और 2008 में होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी पूरा किया  और बचपन से खाना बनाने के शौक के कारण 2011 में शेफ बनने की शिक्षा पूरी की.
 
इतनी बड़ी डिसेबिलिटी के बावजूद जीवन में आगे जाने के जज़बे को आस -पास के लोग नज़रअंदाज नहीं कर सकते थे , और जल्द ही Maricel को मीडिया हाईलाइट करने लगा . ऐसे ही एक कार्यक्रम को देख कर होटल एडसा शांग्री -ला , Manila, Philippines ने उसे अपने यहाँ किसी प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका दिया .
 
Maricel के साथ काम करने वाले शेफ अल्ज़ामिल बोर्जा बताते हैं ,“वो मदद के लिए सिर्फ तभी पुकारती हैं जब उन्हें कोई गरम पात्र हटाना होता है या किसी शीशी का चिकना ढक्कन खोलना होता है .”
 
Maricel आज भी उसी होटल में बतौर शेफ काम करती हैं और अपने जज़बे के दम पर लाखो -करोड़ों लोगो को प्रेरित करती रहती हैं .Maricel Apatan Hindi 3
 
Friends, अक्सर हम अपनी life में आने वाली छोटी -मोटी परेशानियों से घबरा जाते हैं और अपना विश्वास कमजोर कर बैठते हैं , पर आज की ये कहानी बताती है कि situation कितनी ही खराब क्यों न हो हम उसे बदल सकते हैं। Maricel की कही एक बात हमें याद रखनी चाहिए- , ” यदि आप सपने देखें, कड़ी मेहनत करें और ईश्वर में आस्था रखें तो कुछ भी सम्भव है।”
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ये एक लड़की की सच्ची कहानी है जो हमें कठिन से कठिन परिस्थितियों के बावजूद जीवन को सकारात्मक तरीके से जीने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा देती है .
 
25 सितम्बर , 2000 की बात है . तब Maricel Apatan ( मैरिकेल ऐप्टैन) महज 11 साल की थी . उस दिन वो अपने अंकल के साथ पानी लाने के लिए बाहर निकली हुई थी. रास्ते में उन्हें चार -पांच लोगों ने घेर लिया , उनके हाथों में धारदार हथियार थे . उन्होंने अंकल से जमीन पर झुक जाने के लिए कहा और उन्हें बेहरहमी से मारने लगे .
 
ये देख Maricel सदमें में आ गयीं , वो उन लोगों को जानती थी , वे उसके पडोसी थे . उसे लगा कि अब उसकी जान भी नहीं बचेगी और  वो  उनसे बच कर भागने लगी . पर वो छोटी थी और हत्यारे आसानी से उसतक पहुँच गए …वो चिल्लाने लगी …, “कुया , ‘वाग पो , ‘वाग न ’यो एकांग टैगईन ! मावा पो कायो सा एकिन !” ( मुझे मत मारो …मुझ पर दया करो …)
 
पर उन दरिंदो ने उसकी एक ना सुनी , और उनमे से एक ने गले पर चाक़ू से वार कीया। Maricel जमीन पर गिरकर बेहोश हो गयी .जब थोड़ी देर बाद उसे होश आया तो उसने देखा कि वहाँ खून ही खून था और वे लोग अभी भी वहीँ खड़े थे , इसलिए उसने बिना किसी हरकत के मरे होने का नाटक किया .
 
जब वे लोग चले गए तब वो उठी और घर की और दौड़ने लगी…. भागते -भागते ही उसने देखा कि उसकी दोनों हथेलियां हाथ से जुडी लटक रही हैं . यह देख Maricel और भी घबरा गयी , और रोते -रोते भागती रही …. जब वो अपने घर के करीब पहुँच गयी तब अपनी माँ को आवाज़ दी …
 
माँ बाहर आयीं और अपनी बेटी की ये हालत देख भयभीत हो गयीं , उन्होंने बेटी को तुरंत एक कम्बल में लपेटा और हॉस्पिटल ले गयीं . हॉस्पिटल दूर था , पहुँचते -पहुँचते काफी वक़्त बीत गया . डॉक्टर्स को कोई उम्मीद नहीं थी कि वे Maricel को बचा पाएंगे पर 5 घंटे के ऑपरेशन के बाद भी  वो ज़िंदा थी . पर डॉक्टर्स उसका हाथ नहीं बचा पाये थे .
 
परेशानियां यहीं नहीं ख़त्म हुईं , जब वे वापस गए तो उनका घर लूट कर जलाया जा चुका था . गरीब होने के कारण उनके पास हॉस्पिटल का बिल भरने के पैसे भी नहीं थे …पर दूर के एक रिश्तेदार आर्चबिशप अंटोनिओ लेडेसमा की मदद से वे बिल भर पाये और अपराधियों को सजा भी दिलवा पाये .
 
इतना कुछ हो जाने के बाद भी Maricel ने कभी भगवन को नहीं कोसा कि उसके साथ ही ऐसा क्यों हुआ , बल्कि उसका कहना है कि , “ ईश्वर में विश्वाश रखते हुए , मैं और भी दृढ निश्चियी हो गयी कि मुझे एक सामान्य जीवन जीना है . मुझे लगता है कि मैं दुनिया में किसी ज़रूरी मिशन के लिए हूँ इसीलिए मैं इस हमले से बच पायी हूँ .”
 
Maricel ने हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की और 2008 में होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी पूरा किया  और बचपन से खाना बनाने के शौक के कारण 2011 में शेफ बनने की शिक्षा पूरी की.
 
इतनी बड़ी डिसेबिलिटी के बावजूद जीवन में आगे जाने के जज़बे को आस -पास के लोग नज़रअंदाज नहीं कर सकते थे , और जल्द ही Maricel को मीडिया हाईलाइट करने लगा . ऐसे ही एक कार्यक्रम को देख कर होटल एडसा शांग्री -ला , Manila, Philippines ने उसे अपने यहाँ किसी प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका दिया .
 
Maricel के साथ काम करने वाले शेफ अल्ज़ामिल बोर्जा बताते हैं ,“वो मदद के लिए सिर्फ तभी पुकारती हैं जब उन्हें कोई गरम पात्र हटाना होता है या किसी शीशी का चिकना ढक्कन खोलना होता है .”
 
Maricel आज भी उसी होटल में बतौर शेफ काम करती हैं और अपने जज़बे के दम पर लाखो -करोड़ों लोगो को प्रेरित करती रहती हैं .Maricel Apatan Hindi 3
 
Friends, अक्सर हम अपनी life में आने वाली छोटी -मोटी परेशानियों से घबरा जाते हैं और अपना विश्वास कमजोर कर बैठते हैं , पर आज की ये कहानी बताती है कि situation कितनी ही खराब क्यों न हो हम उसे बदल सकते हैं। Maricel की कही एक बात हमें याद रखनी चाहिए- , ” यदि आप सपने देखें, कड़ी मेहनत करें और ईश्वर में आस्था रखें तो कुछ भी सम्भव है।”
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मंगलवार, 17 दिसंबर 2013

बेटी बचाओ अभियान -Save the Children

जो व्यक्ति गर्भ में
बेटियों की हत्या करते हैं उनके
लिए यह बात है. हमेशा याद
रखना : अगर बेटा वारिस है,
तो बेटी पारस है |
अगर बेटा वंश है, तो बेटी अंश है |
अगर बेटा आन है, तो बेटी शान है |
अगर बेटा तन है, तो बेटी मन है |
अगर बेटा मान है, तो बेटी गुमान है
|
अगर बेटा संस्कार,
तो बेटी संस्कृति है |
अगर बेटा आग है, तो बेटी बाग़ है |
अगर बेटा दवा है, तो बेटी दुआ है |
अगर बेटा भाग्य है,
तो बेटी विधाता है |
अगर बेटा शब्द है, तो बेटी अर्थ है |
अगर बेटा गीत है, तो बेटी संगीत है
|ple save girls. By Rakesh Mishra !


मंगलवार, 12 नवंबर 2013


मेरे मित्रो मुझे आपके कीमतीसिर्फ 2मिनट चाहिए ,,,,,,,,,,,,
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एक स्त्री एक दिन एक स्त्रीरोग विशेषज्ञ केपास के गई और बोली," डाक्टर- मैँ एक गंभीर समस्या मेँ हुँ और मेँआपकीमदद चाहती हुँ ।
मैं गर्भवती हूँ, आप किसी को बताइयेगा नही मैने एक जान पहचान के सोनोग्राफी लैब से यह जान लिया है कि मेरे गर्भ में एक बच्ची है । मै पहले से एक बेटी की माँ हूँ और मैं किसी भी दशा मेदो बेटियाँ नहीं चाहती ।
"डाक्टर ने कहा ,"ठीक है, तो मेँआपकी क्या सहायता कर सकता हु ?"
तो वो स्त्री बोली," मैँ यह चाहती हू कि इस गर्भ को गिराने मेँ मेरी मदद करें ।"डाक्टर अनुभवी और समझदार था।
थोडा सोचा और फिर बोला,"मुझे लगता है कि मेरे पास एक और सरल रास्ता है जो आपकी मुश्किल को हल कर देगा।" वो स्त्री बहुत खुश हुई.........
डाक्टर आगे बोला, " हम एक काम करते हैआप दो बेटियां नही चाहती ना ?? ?तो पहली बेटी को मार देते है जिस से आप इस अजन्मी बच्ची को जन्म दे सके और आपकी समस्या का हल भी हो जाएगा. वैसे भी हमको एक बच्ची को मारना है तो पहले वाली को ही मार देते है ना.?"तो वो स्त्री तुरंत बोली"ना ना डाक्टर.".!!! हत्या करना गुनाह है पाप है और वैसे भी मैं अपनी बेटी को बहुत चाहती हूँ । उसको खरोंच भी आती है तो दर्द का अहसास मुझे होता हैडाक्टर तुरंत बोला, "पहले कि हत्या करो या अभी जो जन्मा नही उसकी हत्या करो दोनो गुनाह है पाप हैं ।"यह बात उस स्त्री को समझ आ गई । वह स्वयंकी सोच पर लज्जित हुई और पश्चाताप करते हुएघर चली गई । क्या आपको समझ मेँ आयी ?..
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अगर आई हो तो SHARE करके दुसरे लोगो को भी समझाने मे मदद कीजियेना महेरबानी. बडी कृपा होगी ।हो सकता है आपका ही एकshareकिसी की सोच बदल दे..और एक कन्या भ्रूण सुरक्षित, पूर्ण विकसितहोकर इस संसारमें जन्म ले...

भ्रूण हत्या बंद करो........Beti hai to ka hai...........

गुरुवार, 7 नवंबर 2013

" Beti Bachao...Save Girls ", By me

माँ मैं कुछ कहना चाहती हूँ माँ मैं भी जीना चाहती हूँ.
तेरे आँगन की बगिया में चाहती मैं हूँ पलना
पायल की छमछम करती माँ चाहती मैं भी चलना.
तेरी आँखों का तारा बन चाहती झिलमिल करना
तेरी सखी सहेली बन माँ चाहती बाते करना.
तेरे आँगन की बन तुलसी चाहती मैं हूँ बढ़ना
मान तेरे घर का बन माँ चाहती मैं भी पढ़ना.
हाथ बँटाकर काम में तेरे चाहती हूँ कम करना
तेरे दिल के प्यार का गागर चाहती मैं भी भरना.
मिश्री से मीठे बोल बोलकर चाहती मैं हूँ गाना
तेरे प्यार दुलार की छाया चाहती मैं भी पाना.
चहक-चहक कर चिड़ियाँ सी चाहती मैं हूँ उड़ना
महक-महक कर फूलों सी चाहती मैं भी खिलना.

" Beti Bachao...Save Girls "